21st Feb

 

विद्यार्थियों और अभिवावकों की कठिनाई को देखते हुए झारखण्ड सरकार ने बड़ा नीतिगत फैसला लिया है 
 
निर्णय-
ओ बी सी प्रमाण पत्र  एक बार ही बनवाने की आवश्यकता है 
 
नॉन क्रीमी लेयर -
 
इसके लिए हर साल डिक्लेरेशन देना होगा - गलत पाए जाने पर आपराधिक मुकदमा चलेगा  
 
कौन बनाएंगे सर्टिफिकेट 
अंचल पदाधिकारी - सर्किल अफसर इसे निर्गत करने के लिए सक्षम पदाधिकारी हैं
 
Input from Hindustan-Ranchi
 

राज्य में जाति प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही परेशानी को दूर करने के लिए मार्गदर्शन तैयार किया गया है। इसके तहत अब जाति प्रमाण पत्र को अंचल अधिकारी के हस्ताक्षर से मान्य माना जाएगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कार्मिक विभाग के इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल ने कहा कि राज्य में पिछड़ा वर्ग (बीसी-एक और दो) का प्रमाण पत्र अब एक बार बनवाने से ही मान्य होगा। राज्य में 10 अगस्त 1950 से पहले रह रहे एससी यहां का प्रमाण पत्र ले सकेंगे। इसी तरह एसटी का प्रमाण पत्र छह सितंबर 1950 से पहले रहने वाले और बीसी-1 व बीसी-2 का प्रमाण पत्र 10 नवंबर 1978 के पहले रहने वाले लोगों को मिल सकेगा। केंद्रीय पिछड़ा वर्ग के लिए 8 सितंबर 1993 के पहले से रहने वाले लोगों को प्रमाण पत्र मिलेगा। 
 

आय प्रमाण पत्र को शपथ पत्र देना होगा
खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय नौकरी या कहीं और के लिए जाति प्रमाण पत्र में सीओ से ऊपर के अधिकारी के हस्ताक्षर की जरूरत होगी, तो सीओ के हस्ताक्षर पर काउंटर हस्ताक्षर किया जाएगा। पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र एक बार बनने के बाद आय संबंधित शपथ पत्र साथ में देने पर वह मान्य होगा। भूमि हीन के लिए ग्राम प्रधान औऱ रैयतों द्वारा चिन्हित किए जाने के बाद प्रमाण पत्र जारी होगा।

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